Tuesday, October 12, 2021

दुर्ग

दुर्ग विशाल होते हैं

कमाल होते हैं

आधिपत्यअभिमान की 

मिसाल होते हैं।

दुर्ग पहचान होते हैं

शौर्यसाहस

ताकतघमंडशान होते हैं!


दुर्ग विक्षिप्त नहीं होते

ढह जाते हैं।

ईंट दर ईंट 

अक्षम होते हैं

दीवारों में

दरारें गहराती हैं,

प्राचीरों के जोड़

कमजोर हो जाते हैं

और दुर्ग ढह जाते हैं!


आज एक दुर्ग को

ढहते देख रहा हूँ!

No comments:

Post a Comment

सब कुछ

हाड़ मांस का ये शरीर   प्राण जैसा कुछ तो है कहते हैं जिसको आत्मा  जान गए तो सब कुछ है। नासमझी की है रैली पुरज़ोर है आडम्बर, बह गए तो व्यर्थ ...