Tuesday, October 29, 2019

लॉंग वीकेंड

जब वो पेंचीदे, पोशीदा 
सी भीड़रहित सड़कें
भयावह, उजाड़, सुनसान 
अनजान लगे;
जब रस्ते की हरियाली
गुनगुनाती सी,
आसमान साफ 
और भी नीला लगे
ट्रैफिक की गलतियों पर भी
मुँह पर गाली नहीं
मुस्कान हो;
जब ख़याल लम्बे
रास्ते छोटे लगें
समझो लॉंग वीकेंड है ।

No comments:

Post a Comment

सब कुछ

हाड़ मांस का ये शरीर   प्राण जैसा कुछ तो है कहते हैं जिसको आत्मा  जान गए तो सब कुछ है। नासमझी की है रैली पुरज़ोर है आडम्बर, बह गए तो व्यर्थ ...