खुशबू निचोड़े भरे जामों की दुनिया, ये दुनिया...
कहकहे लगाते अश्लीलों की दुनिया
ढोंग मे लिप्त बेशर्मों की दुनिया,
रंग भरे फीके रूहों की दुनिया,
खोखले ख्यालों के वाचालों की दुनिया, ये दुनिया
दिखावटी, ओछे भंगियों की दुनिया
फायदों को जोडती, ओहदे टटोलती,
नेकी की कब्र खोदती ये दुनिया
ये दुनिया अगर मिल भी जाये तो क्या है !!!
Sahir, Piyush Mishra...my two cents
Sunday, March 27, 2011
दुनिया
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अनुभव की गठरी
कैसे दूँ तुम्हें मैं अपने अनुभव की गठरी ? भरे हैं जिसमें मैंने- मेरा गुरूर, मेरी जीत मेरा गर्व, मेरी प्रेरणा मेरी ईर्ष्या, मेरा भ्रम, मेरी ...
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Sholay is not a movie, its a way of life...at least my life ;) Watching Sholay on the big screen (that too in 3D) was a complete e...
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कहीं छंदों का कहीं संगों का कहीं फूल बहार के खेलों का चट्टानों, झील समंदर का सुन्दर रंगीन उपवनों का ख़ुशबू बिखेरती सुगंध का, कभी रसीले पकवान...
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